gazal
राहील सक़लैनी Gazal
नया पुराना हर क़िस्सा दोहराया हमने !! और आख़िर में ख़ुद को मुजरिम पाया हमने !! उसकी गलियों…
नया पुराना हर क़िस्सा दोहराया हमने !! और आख़िर में ख़ुद को मुजरिम पाया हमने !! उसकी गलियों…
*तेरी बुराइयों* को हर *अख़बार* कहता है, और तू मेरे *गांव* को *गँवार* कहता है । *ऐ शहर* मुझे तेरी *औ…