कामसूत्र पुस्तक
इस ग्रंथ को महर्षि वात्स्यायन ने सात अध्यायों में लिखा है। इसमें व्यक्ति के दाम्पत्य जीवन को सरल बनाने व उसके कर्तव्यों के विषय में विस्तार से समझाया गया है। महिला व पुरुष किस तरह से अपने रिश्ते को मधुर और सुखी बना सकते हैं, इस बारे में कामसूत्र गहराई से बताता है। सेक्स के दौरान व्यक्ति को किस तरह का आचरण करना चाहिए व किन आसनों की मदद लेनी चाहिए, इसकी संपूर्ण जानकारी कामसूत्र प्रदान करता है। इस ग्रंथ के बारे में लोगों में कई भ्रांतियां फैली हुई है, इस भ्रांतियों को ही दूर करने के लिए हम आपको इसके सार के बारे में बता रहें हैं। महर्षि वात्स्यायन ने इसको सात भागों में बांटा है। जिसमें कुल 36 अध्याय तथा 1250 श्लोक लिखे गए हैं। तो आइये संक्षिप्त में जानते हैं कि इसके सात भागों में क्या बताया गया है।- भूमिका: इस प्रथम भाग में पांच अध्याय हैं। जिसमें प्रेम व निकटता के बारे में बताया गया है। इसके अलावा पुरुष व महिला के लिए प्रेम का मतलब और इसको वर्गीकृत करके समझाया गया है।
- यौन क्रिया के बारे में : इस भाग में दस अध्यायों को शामिल किया गया है। जिसमें महिला व पुरुष की यौन इच्छाओं, गले लगने के तरीकों, , नाखूनों का इस्तेमाल, दांतों से साथी के शरीर पर निशान बनाना, सेक्स के दौरान महिलाओं की पीड़ा, महिलाओं के साथ किया जाने वाला विनम्र व्यवहार, ओरल सेक्स , सेक्स को शुरु करने के तरीके व इसके अंतिम चरण के बारे में बताया गया है। इसके अलावा इस भाग में 64 यौन आसन (सेक्स पोजीशन्स) का भी जिक्र किया गया है।
- पत्नी के बारे में : – इस भाग में पांच अध्याय लिखे गए हैं। जिसमें पुरुषों को शादी से जुड़ी कुछ जरूरी सलाह दी गई है। इसके साथ ही साथ महिला को शादी के लिए तैयार करने के विषय पर भी बताया गया है।
- पत्नी का आचरण : इस भाग में दो अध्याय है। यह भाग पूरी तरह से पत्नियों के आचरण व व्यवहार को बताता है।
- अन्य की पत्नियों के बारे में : इस भाग में छह अध्याय हैं। इसमें राजाओं के द्वारा अन्य लोगों की पत्नियों की ओर आकर्षित होने की बात को बताया गया है।
- वेश्याओं के बारे में- : इस भाग में छह अध्याय हैं, जो बताते हैं कि महिलाएं पैसों को पाने के लिए मर्दों के साथ किस प्रकार प्रेम करती हैं।
- सम्मोहित करने के बारे में : इस भाग में दो अध्याय है। इनमें किसी को अपनी ओर आकर्षित करने की क्रिया के बारे में बताया गया है।
कामसूत्र-दुनियाभर-में-प्रचलित-कैसे-हुआ [HOW TO KAMASUTRA POPULAR WORLWIDE]
कामसूत्र की अनुवादित पुस्तकों में विभिन्न सेक्स पोजीशन्स को फोटो के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है, जबकि मूल ग्रंथ को ऐसा नहीं किया गया था। इस तरह के अनुवादित पुस्तकों से ज्यादातर पाठकों का ध्यान कामसूत्र की मुख्य पृष्ठभूमि पर गया ही नहीं और वह इस ग्रंथ में बताए गए महिला व पुरुष के संबंधों की आत्मियता, काम व कर्तव्यों के बारे में गहराई से नहीं समझ पाए। इसकी जगह पर पाठकों का ध्यान केवल सेक्स पोजीशंस और उस दौरान की जाने वाली क्रियाओं पर ही केंद्रित होकर रह गया।
वर्ष 1970 के बाद पोर्न इंडस्ट्री ने कामसूत्र को आधार बनाते हुए कई फिल्मों का निर्माण करना शुरू कर दिया और वह कामसूत्र की सेक्स पोजीशंस को प्रचलित करने लगे। इसका परिणाम यह हुआ कि मात्र सेक्स पोजीशंस की पुस्तक के रूप में कामसूत्र पहचाना जाने लगा। इस रूप में कामसूत्र आज दुनियाभर में प्रचलित है।
कामसूत्र-और-सेक्स
कामसूत्र में मनुष्य के आनंद की अनुभूतियों में यौन क्रियाओं को भी शामिल किया गया है। इसमें सेक्स के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके साथ ही साथ कामसूत्र महिला व पुरुष द्वारा सेक्स के दौरान की जाने वाली क्रियाओं व आचरण को भी गहराई से बताता है। कामसूत्र व सेक्स का जुड़ाव निम्न तरीके से समझा जा सकता है-
- सेक्स क्या है – कामसूत्र के अनुसार सेक्स प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें महिला व पुरुष न सिर्फ शारीरिक रूप से एक दूसरे से जुड़ते हैं, बल्कि वह मानसिक और आत्मिक रूप से भी एक दूसरे से संबंध स्थापित करते हैं। सेक्स के दौरान भावनाओं का अहम रोल होता है। इसको केवल शारीरिक क्रिया मान लेना बेहद गलत है। इसमें पुरुष को अपनी संतुष्टि के साथ ही महिला की संतुष्टि का पूरा ध्यान रखना होता है।
- सेक्स के लिए क्या जरूरी –कामसूत्र के मुताबिक सेक्स ऐसे कमरे में करना चाहिए जिसमें चारों ओर हल्की सुगंध व रोशनी हो, यह माहौल आपके निजी पल को और खास बना देता है। दम्पति को सेक्स क्रिया से पूर्व अपनी सभी चिंताओं को भूल जाना चाहिए। इस समय महिला व पुरुष को अपने दिमाग व भावनाओं को केवल प्रेम पर एकाग्र करना चाहिए। प्रेम और भावनाओं के साथ किया गया सेक्स दोनों ही साथियों को पूर्ण संतुष्टि प्रदान करता है।
- सेक्स करने का तरीका –इस विषय पर कामसूत्र में विस्तार से समझाया गया है। इसको अध्याय दो में 64 यौन आसनों के माध्यम से बताया गया है। कामसूत्र के कई अनुवादों में केवल सेक्स पोजीशंस पर ही जोर दिया गया है, जबकि कामसूत्र के मूल रूप में इसको करने के तरीके, कई अन्य तरह से भी प्रस्तुत किया गया है।
कामसूत्र का महत्व आज के समय में - Kamasutra's importance today
कुछ समय पहले जहां लोग सेक्स के बारे में बात करने तक से कतराते थे, वहीं आज का युवा वर्ग इस विषय को विस्तार से जानने का इच्छुक है। आज युवा कामसूत्र को सेक्स विषय में शिक्षित करने वाली पुस्तक मानते हैं। इसके सही अनुवाद को पढ़ने से युवाओं को सेक्स करने के तरीकों को समझने के साथ ही साथ महिला व पुरुष के रिश्तों के अन्य कर्तव्यों के बारे में भी जानने का मौका मिलता है। इससे लोग सेक्स के दौरान की जाने वाली गलतियों से बच जाते हैं और आसानी से प्राप्त करते हैं। कामसूत्र से लोगों के जीवन की यौन क्रियाओं में सकारात्मक प्रभाव होता है। इस ग्रंथ की सहायता से महिला व पुरुष दोनों ही अपनी-अपनी भूमिका को आसानी से समझ पाएं हैं।
कामसूत्र के आसन
कामसूत्र के दूसरे भाग में सेक्स के लिए जरूरी तरीकों के बारे में बताया गया है। जिसमें यौन इच्छाओं, गले मिलने के तरीके, चुंबन (किस), नाखूनों व दांतों का सेक्स में प्रयोग करना, सेक्स करते समय महिलाओं को होने वाले दर्द, पुरुषों का विनम्र व्यवहार, ओरल सेक्स आदि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया है। इसमें 64 यौन आसनों को शामिल किया गया है। इन 64 यौन आसानों में से सेक्स के दौरान प्रयोग में लाए जानें वाले 21 आसनों को हमने चित्र के माध्यम से प्रस्तुत किया है। इनके नाम नीचे सूची में दिए गए हैं।
- उत्फुल्लक (utphallaka)
- इंद्राणिक (Indranika)
- वेष्टितक (veshititaka)
- बाड़वक (vadavaka)
- उत्पीड़ितक (utpiditaka)
- उत्तान संपुट (uttana samputa)
- भुग्नक (bhagnaka)
- कृषक (Peasant)
- धेनुक (dhenuka)
- अवलम्बितक (avalambitaka)
- स्थिररत (sthitarata)
- परावृत्तक (paravrittaka)
- पद्मासन (padmasana)
- शूलाचितक (shulachitaka)
- वेणुदारितक (venudaritaka)
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